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सुनन इब्न माजा

नंबर 3498

नंबर 3498किताब 31, नंबर 63
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ الصَّبَّاحِ، عَنْ ثَوْرِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ حُصَيْنٍ الْحِمْيَرِيِّ، عَنْ أَبِي سَعْدِ الْخَيْرِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَنِ اكْتَحَلَ فَلْيُوتِرْ مَنْ فَعَلَ فَقَدْ أَحْسَنَ وَمَنْ لاَ فَلاَ حَرَجَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:“Whoever applies kohl, let him do it an odd number of times. Whoever does that has done well, and whoever does not, it does not matter.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।