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सुनन इब्न माजा

नंबर 3495

नंबर 3495किताब 31, नंबर 60
حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ، يَحْيَى بْنُ خَلَفٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، حَدَّثَنِي عُثْمَانُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ، قَالَ سَمِعْتُ سَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ عَلَيْكُمْ بِالإِثْمِدِ فَإِنَّهُ يَجْلُو الْبَصَرَ وَيُنْبِتُ الشَّعَرَ ‏"‏ ‏.‏
Salim bin ‘Abdullah narrated that his father said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘You should use antimony, for it improves the eyesight and makes the hair (eyelashes) grow.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।