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सुनन इब्न माजा

नंबर 3486

नंबर 3486किताब 31, नंबर 51
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ مَطَرٍ، عَنْ زَكَرِيَّا بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنِ النَّهَّاسِ بْنِ قَهْمٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَرَادَ الْحِجَامَةَ فَلْيَتَحَرَّ سَبْعَةَ عَشَرَ أَوْ تِسْعَةَ عَشَرَ أَوْ إِحْدَى وَعِشْرِينَ وَلاَ يَتَبَيَّغْ بِأَحَدِكُمُ الدَّمُ فَيَقْتُلَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whoever wants to be cupped, let him seek out the seventeenth, nineteenth or twenty-first (of the month); and let none of you allow his blood to rage so that it kills him.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।