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सुनन इब्न माजा

नंबर 3484

नंबर 3484किताब 31, नंबर 49
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُصَفَّى الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ ثَوْبَانَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي كَبْشَةَ الأَنْمَارِيِّ، أَنَّهُ حَدَّثَهُ أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَحْتَجِمُ عَلَى هَامَتِهِ وَبَيْنَ كَتِفَيْهِ وَيَقُولُ ‏ "‏ مَنْ أَهْرَاقَ مِنْهُ هَذِهِ الدِّمَاءَ فَلاَ يَضُرُّهُ أَنْ لاَ يَتَدَاوَى بِشَىْءٍ لِشَىْءٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Kabshah Al-Anmari that the Prophet (ﷺ) used to be cupped on his head and between his shoulders, and he said:“Whoever lets blood from these places, it does not matter if he does not seek treatment for anything else.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।