حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ بِلاَلٍ، حَدَّثَنِي عَلْقَمَةُ بْنُ أَبِي عَلْقَمَةَ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجَ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ ابْنَ بُحَيْنَةَ، يَقُولُ احْتَجَمَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِلَحْىِ جَمَلٍ وَهُوَ مُحْرِمٌ وَسْطَ رَأْسِهِ .
‘Abdur-Rahman Al-A’raj said:“I heard ‘Abdullah bin Buhainah say: ‘The Messenger of Allah (ﷺ) was cupped in Lahyi Jamal,* in the middle of his head, while he was a Muhrim.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।