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सुनन इब्न माजा

नंबर 3467

नंबर 3467किताब 31, नंबर 32
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَيْمُونٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ، قَالَ نَعَتَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ مِنْ ذَاتِ الْجَنْبِ وَرْسًا وَقُسْطًا وَزَيْتًا يُلَدُّ بِهِ ‏.‏
It was narrated that Zaid bin Arqam said:“The Messenger of Allah (ﷺ) prescribed Wars (memecyclon tinctorium), Indian aloeswood and olive oil for pleurisy, to be administered through the side of the mouth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।