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सुनन इब्न माजा

नंबर 3463

नंबर 3463किताब 31, नंबर 28
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، وَرَاشِدُ بْنُ سَعِيدٍ الرَّمْلِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ سِيرِينَ، أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ شِفَاءُ عِرْقِ النَّسَا أَلْيَةُ شَاةٍ أَعْرَابِيَّةٍ تُذَابُ ثُمَّ تُجَزَّأُ ثَلاَثَةَ أَجْزَاءٍ ثُمَّ يُشْرَبُ عَلَى الرِّيقِ فِي كُلِّ يَوْمٍ جُزْءٌ ‏"‏ ‏.‏
Anas bin Malik said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) saying: ‘The cure for sciatica is the fat from the tail of a Bedouin sheep (or wild sheep), which should be melted and divided into three parts, one part to be taken each day on an empty stomach.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।