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सुनन इब्न माजा

नंबर 3444

नंबर 3444किताब 31, नंबर 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ يُونُسَ بْنِ بُكَيْرٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ عَلِيِّ بْنِ رَبَاحٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ تُكْرِهُوا مَرْضَاكُمْ عَلَى الطَّعَامِ وَالشَّرَابِ فَإِنَّ اللَّهَ يُطْعِمُهُمْ وَيَسْقِيهِمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Uqbah bin ‘Amir Al-Juhani that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Do not force your sick ones to eat or drink. Allah will feed them and give them to drink.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।