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सुनन इब्न माजा

नंबर 3396

नंबर 3396किताब 30, नंबर 26
حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْيَمَامِيُّ، حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ، عَنْ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ تَنْبِذُوا التَّمْرَ وَالْبُسْرَ جَمِيعًا وَانْبِذُوا كُلَّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا عَلَى حِدَتِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:‘Do not make Nabidh with dried dates and unripe dates together, make Nabidh with each of them on its own.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Chapters on Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।