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सुनन इब्न माजा

नंबर 3394

नंबर 3394किताब 30, नंबर 24
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ عِيَاضٍ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَا أَسْكَرَ كَثِيرُهُ فَقَلِيلُهُ حَرَامٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Amr bin Shu’aib, from his father, from his grandfather, that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whatever causes intoxication in large amounts a small amount of it is (also) unlawful.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Chapters on Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।