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सुनन इब्न माजा

नंबर 3385

नंबर 3385किताब 30, नंबर 15
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ أَبِي السَّرِيِّ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سَعْدُ بْنُ أَوْسٍ الْعَبْسِيُّ، عَنْ بِلاَلِ بْنِ يَحْيَى الْعَبْسِيِّ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَفْصٍ، عَنِ ابْنِ مُحَيْرِيزٍ، عَنْ ثَابِتِ بْنِ السِّمْطِ، عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ يَشْرَبُ نَاسٌ مِنْ أُمَّتِي الْخَمْرَ بِاسْمٍ يُسَمُّونَهَا إِيَّاهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Ubadah bin Samit that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“People among my nation will drink wine, under some other name that they will give it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Chapters on Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।