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सुनन इब्न माजा

नंबर 3379

नंबर 3379किताब 30, नंबर 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، أَنَّ خَالِدَ بْنَ كَثِيرٍ الْهَمْدَانِيَّ، حَدَّثَهُ أَنَّ السَّرِيَّ بْنَ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَهُ أَنَّ الشَّعْبِيَّ حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ مِنَ الْحِنْطَةِ خَمْرًا وَمِنَ الشَّعِيرِ خَمْرًا وَمِنَ الزَّبِيبِ خَمْرًا وَمِنَ التَّمْرِ خَمْرًا وَمِنَ الْعَسَلِ خَمْرًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Nu’man bin Bashir that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“From wheat comes wine, from barley comes wine, from raisins comes wine, from dates comes wine and from honey comes wine.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Chapters on Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।