حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ الْحَسَنِ الْمَرْوَزِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، ح وَحَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، جَمِيعًا عَنْ رَاشِدٍ أَبِي مُحَمَّدٍ الْحِمَّانِيِّ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ أُمِّ الدَّرْدَاءِ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ أَوْصَانِي خَلِيلِي ـ صلى الله عليه وسلم ـ " لاَ تَشْرَبِ الْخَمْرَ فَإِنَّهَا مِفْتَاحُ كُلِّ شَرٍّ " .
It was narrated that Abu Darda’ said:‘My close friend (ﷺ) advised me: ‘Do not drink wine, for it is the key to all evils.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।