حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ يَحْيَى، عَنْ عِيسَى بْنِ طَلْحَةَ، قَالَ سَمِعْتُ مُعَاوِيَةَ بْنَ أَبِي سُفْيَانَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " الْمُؤَذِّنُونَ أَطْوَلُ النَّاسِ أَعْنَاقًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ " .
It was narrated that 'Esa bin Talhah said:"I heard Mu'awiyah bin Abu Sufyan say that Messenger of Allah said: "The Mu'adh-dhin will have the longest necks of all people on the Day of Resurrection
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sahih MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।