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सुनन इब्न माजा

नंबर 710

नंबर 710किताब 3, नंबर 5
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سَعْدِ بْنِ عَمَّارِ بْنِ سَعْدٍ، مُؤَذِّنِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ بِلاَلاً أَنْ يَجْعَلَ إِصْبَعَيْهِ فِي أُذُنَيْهِ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّهُ أَرْفَعُ لِصَوْتِكَ ‏"‏ ‏.‏
Abdur-Rahman bin Sa'd bin 'Ammar bin Sa'd, who was the Mu'adh-dhin of the Messenger of Allah narrated from his grandfather, that:The Messenger of Allah commanded Bilal to put his fingers in his ears when calling the Adhan, and he said: "It makes the voice louder
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of the Adhan and the Sunnah Regarding It

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।