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सुनन इब्न माजा

नंबर 3364

नंबर 3364किताब 29, नंबर 114
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي يَزِيدَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أُمِّ أَيُّوبَ، قَالَتْ صَنَعْتُ لِلنَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ طَعَامًا فِيهِ مِنْ بَعْضِ الْبُقُولِ فَلَمْ يَأْكُلْ وَقَالَ ‏ "‏ إِنِّي أَكْرَهُ أَنْ أُوذِيَ صَاحِبِي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Umm Ayyub said:“I made some food for the Prophet (ﷺ) in which there were some vegetables. He did not eat it, and he said: ‘I do not like to annoy my companion.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।