सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3357

नंबर 3357किताब 29, नंबर 107
حَدَّثَنَا جُبَارَةُ بْنُ الْمُغَلِّسِ، حَدَّثَنَا الْمُحَارِبِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ نَهْشَلٍ، عَنِ الضَّحَّاكِ بْنِ مُزَاحِمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْخَيْرُ أَسْرَعُ إِلَى الْبَيْتِ الَّذِي يُؤْكَلُ فِيهِ مِنَ الشَّفْرَةِ إِلَى سَنَامِ الْبَعِيرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Abbas that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Goodness comes more quickly to a house where food is eaten than a knife to a camel’s hump.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।