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सुनन इब्न माजा

नंबर 3355

नंबर 3355किताब 29, नंबर 105
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الرَّقِّيُّ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ عَبْدِ السَّلاَمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَابَاهْ الْمَخْزُومِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَيْمُونٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ تَدَعُوا الْعَشَاءَ وَلَوْ بِكَفٍّ مِنْ تَمْرٍ فَإِنَّ تَرْكَهُ يُهْرِمُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Do not leave dinner, even if it is only a handful of dates, because abandoning it makes one weak.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।