حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الرَّقِّيُّ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ عَبْدِ السَّلاَمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَابَاهْ الْمَخْزُومِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَيْمُونٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " لاَ تَدَعُوا الْعَشَاءَ وَلَوْ بِكَفٍّ مِنْ تَمْرٍ فَإِنَّ تَرْكَهُ يُهْرِمُ " .
It was narrated from Jabir bin ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Do not leave dinner, even if it is only a handful of dates, because abandoning it makes one weak.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
Very DaifAl-Albani
Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sanad DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।