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सुनन इब्न माजा

नंबर 3343

नंबर 3343किताब 29, नंबर 93
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ كَاسِبٍ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُعَاوِيَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ قَالَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ مَا شَبِعَ نَبِيُّ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ تِبَاعًا مِنْ خُبْزِ الْحِنْطَةِ حَتَّى تَوَفَّاهُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“By the One in Whose Hand is my soul, the Prophet of Allah (ﷺ) never ate his fill of wheat bread for three days in a row, until Allah took his soul.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।