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सुनन इब्न माजा

नंबर 3334

नंबर 3334किताब 29, नंबर 84
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنِي ابْنُ جَابِرٍ، حَدَّثَنِي سُلَيْمُ بْنُ عَامِرٍ، عَنِ ابْنَىْ، بُسْرٍ السُّلَمِيَّيْنِ قَالاَ دَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَوَضَعْنَا تَحْتَهُ قَطِيفَةً لَنَا صَبَبْنَاهَا لَهُ صَبًّا فَجَلَسَ عَلَيْهَا فَأَنْزَلَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ عَلَيْهِ الْوَحْىَ فِي بَيْتِنَا وَقَدَّمْنَا لَهُ زُبْدًا وَتَمْرًا وَكَانَ يُحِبُّ الزُّبْدَ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
It was narrated that the two sons of Busr, who were of the tribe of Sulaim, said:“The Messenger of Allah (ﷺ) entered upon us. We placed a velvet cloth of ours beneath him and sprinkled water on it.* He sat on it, and Allah sent down Revelation to him in our house. We offered him butter and dates, and he (ﷺ) liked butter.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।