حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ أَبِي رَافِعٍ، عَنْ جَدَّتِهِ، سَلْمَى أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ " بَيْتٌ لاَ تَمْرَ فِيهِ كَالْبَيْتِ لاَ طَعَامَ فِيهِ " .
It was narrated from ‘Ubaidullah bin Abu Rafi’, from his grandmother Salma, that the Prophet (ﷺ) said:“A house in which there are no dates is like a house in which there is no food.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।