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सुनन इब्न माजा

नंबर 3320

नंबर 3320किताब 29, नंबर 70
حَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ مُكْرَمٍ، حَدَّثَنَا صَفْوَانُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ كُلُوا الزَّيْتَ وَادَّهِنُوا بِهِ فَإِنَّهُ مُبَارَكٌ ‏"‏ ‏.‏
‘Abdullah bin Sa’eed narrated that his grandfather said:“I heard Abu Hurairah say: The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘Eat (olive) oil and anoint yourselves with it, for it is blessed.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।