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सुनन इब्न माजा

नंबर 3300

नंबर 3300किताब 29, नंबर 50
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ كَاسِبٍ، وَحَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ زِيَادٍ الْحَضْرَمِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الْحَارِثِ بْنِ جَزْءٍ الزُّبَيْدِيَّ، يَقُولُ كُنَّا نَأْكُلُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي الْمَسْجِدِ الْخُبْزَ وَاللَّحْمَ ‏.‏
It was narrated that ‘Abdullah bin Harith bin Jaz’ Az-Zubaidi said:“At the time of the Messenger of Allah (ﷺ) we used to eat bread and meat in the mosque.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।