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सुनन इब्न माजा

नंबर 3270

नंबर 3270किताब 29, नंबर 20
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنْبَأَنَا أَبُو دَاوُدَ الْحَفَرِيُّ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ يَمْسَحْ أَحَدُكُمْ يَدَهُ حَتَّى يَلْعَقَهَا فَإِنَّهُ لاَ يَدْرِي فِي أَىِّ طَعَامِهِ الْبَرَكَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“None of you should wipe his hand until he has licked it, for he does not know where the blessing if in his food.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।