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सुनन इब्न माजा

नंबर 3244

नंबर 3244किताब 28, नंबर 45
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا دَاوُدُ بْنُ أَبِي هِنْدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ صَفْوَانَ، أَنَّهُ مَرَّ عَلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِأَرْنَبَيْنِ مُعَلِّقَهُمَا فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أَصَبْتُ هَذَيْنِ الأَرْنَبَيْنِ فَلَمْ أَجِدْ حَدِيدَةً أُذَكِّيهِمَا بِهَا فَذَكَّيْتُهُمَا بِمَرْوَةٍ أَفَآكُلُ قَالَ ‏ "‏ كُلْ ‏"‏ ‏.‏
it was narrated from Muhammad bin Safwan that he passed by the Prophet (ﷺ) with two rabbits hanging down. He said:“O Messenger of Allah, I caught these two rabbits but I cannot find any iron* with which to slaughter them with Marwah** and eat them?” He said: “Eat.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।