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सुनन इब्न माजा

नंबर 3219

नंबर 3219किताब 28, नंबर 20
حَدَّثَنَا أَبُو بِشْرٍ، بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ وَنَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ قَالاَ حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو الْعَوَّامِ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ، عَنْ سَلْمَانَ، قَالَ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنِ الْجَرَادِ فَقَالَ ‏ "‏ أَكْثَرُ جُنُودِ اللَّهِ لاَ آكُلُهُ وَلاَ أُحَرِّمُهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Salman said:“The Messenger of Allah (ﷺ) was asked about locusts. He said: ‘(They are) the most numerous troop of Allah. I neither eat them nor forbid them.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।