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सुनन इब्न माजा

नंबर 3217

नंबर 3217किताब 28, नंबर 18
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ الْهُذَلِيُّ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ تَمِيمٍ الدَّارِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ يَكُونُ فِي آخِرِ الزَّمَانِ قَوْمٌ يَجُبُّونَ أَسْنِمَةَ الإِبِلِ وَيَقْطَعُونَ أَذْنَابَ الْغَنَمِ أَلاَ فَمَا قُطِعَ مِنْ حَىٍّ فَهُوَ مَيِّتٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Tamim Dari said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘At the end of time there will be people who will cut off camels’ humps and sheep’s tails. But what is cut from a living animal is dead.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।