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सुनन इब्न माजा

नंबर 3212

नंबर 3212किताब 28, नंबर 13
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْمُنْذِرِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، حَدَّثَنَا مُجَالِدُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ حَاتِمٍ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا قَوْمٌ نَرْمِي ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ إِذَا رَمَيْتَ وَخَزَقْتَ فَكُلْ مَا خَزَقْتَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Adi bin Hatim said:“I said: ‘O Messenger of Allah, we are people who shoot (arrows).’ He said: ‘If you shoot and pierce (the game), then eat what you pierced.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।