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सुनन इब्न माजा

नंबर 3206

नंबर 3206किताब 28, नंबर 7
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ خُصَيْفَةَ، عَنِ السَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ أَبِي زُهَيْرٍ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ مَنِ اقْتَنَى كَلْبًا لاَ يُغْنِي عَنْهُ زَرْعًا وَلاَ ضَرْعًا نَقَصَ مِنْ عَمَلِهِ كُلَّ يَوْمٍ قِيرَاطٌ ‏"‏ ‏.‏ فَقِيلَ لَهُ أَنْتَ سَمِعْتَ مِنَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ إِي وَرَبِّ هَذَا الْمَسْجِدِ ‏.‏
It was narrated that Sufyan bin Abu Zuhair said:“I heard the Prophet (ﷺ) say: ‘Whoever keeps a dog that he does not need for farming or herding, one Qirat will be deducted from his (good) deeds each day.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।