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सुनन इब्न माजा

नंबर 3201

नंबर 3201किताब 28, नंबर 2
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ، قَالَ سَمِعْتُ مُطَرِّفًا، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ بِقَتْلِ الْكِلاَبِ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ مَا لَهُمْ وَلِلْكِلاَبِ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ رَخَّصَ لَهُمْ فِي كَلْبِ الزَّرْعِ وَكَلْبِ الْعِينِ ‏.‏ قَالَ بُنْدَارٌ الْعِينُ حِيطَانُ الْمَدِينَةِ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah bin Mughaffal that the Messenger of Allah (ﷺ) commanded that dogs be killed, then he said:“What do they use dogs for?” Then he permitted them to keep farming dogs and dogs of ‘Ein. Bundar said: “The ‘Ein refers to the walls of Al-Madinah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।