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सुनन इब्न माजा

नंबर 3193

नंबर 3193किताब 27, नंबर 32
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ، حَدَّثَنِي الْحَسَنُ بْنُ جَابِرٍ، عَنِ الْمِقْدَامِ بْنِ مَعْدِيكَرِبَ الْكِنْدِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ حَرَّمَ أَشْيَاءَ حَتَّى ذَكَرَ الْحُمُرَ الإِنْسِيَّةَ ‏.‏
It was narrated from Miqdam bin Ma’dikarib Al-Kindi that the Messenger of Allah (ﷺ) forbade several things, until he mentioned (the meat of) domesticated donkeys
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।