सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3164

नंबर 3164किताब 27, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ، عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ مَعَ الْغُلاَمِ عَقِيقَةً فَأَهْرِيقُوا عَنْهُ دَمًا وَأَمِيطُوا عَنْهُ الأَذَى ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salman bin ‘Amir that he heard the Prophet (ﷺ) say:“For a boy there should be an ‘Aqiqah, so shed blood for him and remove the harm from him.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।