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सुनन इब्न माजा

नंबर 3149

नंबर 3149किताब 26, नंबर 30
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْحَمَّالُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِذَا دَخَلَ الْعَشْرُ وَأَرَادَ أَحَدُكُمْ أَنْ يُضَحِّيَ فَلاَ يَمَسَّ مِنْ شَعَرِهِ وَلاَ بَشَرِهِ شَيْئًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Umm Salamah that the Prophet (ﷺ) said:“When the ten days (of Dhul-Hijjah) begin, and one of you wants to offer a sacrifice, let him not remove anything from his hair or skin.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Chapters on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।