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सुनन इब्न माजा

नंबर 3125

नंबर 3125किताब 26, नंबर 6
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ، عَنِ ابْنِ عَوْنٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو رَمْلَةَ، عَنْ مِخْنَفِ بْنِ سُلَيْمٍ، قَالَ كُنَّا وُقُوفًا عِنْدَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِعَرَفَةَ فَقَالَ ‏ "‏ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّ عَلَى كُلِّ أَهْلِ بَيْتٍ فِي كُلِّ عَامٍ أُضْحِيَّةً وَعَتِيرَةً ‏"‏ ‏.‏ أَتَدْرُونَ مَا الْعَتِيرَةُ هِيَ الَّتِي يُسَمِّيهَا النَّاسُ الرَّجَبِيَّةَ ‏.‏
It was narrated that Mikhnaf bin Sulaim said:“We were standing with the Prophet (ﷺ) at ‘Arafat and he said: ‘O people, each family, each year, must offer Udhiyah and ‘Atirah.’
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Chapters on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।