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सुनन इब्न माजा

नंबर 3115

नंबर 3115किताब 25, नंबर 234
حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مِكْنَفٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ أُحُدًا جَبَلٌ يُحِبُّنَا وَنُحِبُّهُ وَهُوَ عَلَى تُرْعَةٍ مِنْ تُرَعِ الْجَنَّةِ وَعَيْرٌ عَلَى تُرْعَةٍ مِنْ تُرَعِ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Abdullah bin Miknaf said:“I heard Anas bin Malik say: ‘The Messenger of Allah (ﷺ) said: “Uhud is a mountain which loves us and we love it, and it stands at one of the gates of Paradise. And ‘Aer* stands at one of the gates of Hell.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।