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सुनन इब्न माजा

नंबर 3107

नंबर 3107किताब 25, नंबर 226
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ أَبِي حُسَيْنٍ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ نَضْلَةَ، قَالَ تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَأَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَمَا تُدْعَى رِبَاعُ مَكَّةَ إِلاَّ السَّوَائِبَ مَنِ احْتَاجَ سَكَنَ وَمَنِ اسْتَغْنَى أَسْكَنَ ‏.‏
It was narrated that ‘Alqamah bin Nadlah said:“The Messenger of Allah (ﷺ), Abu Bakr and ‘Umar died, and the houses in Makkah were still called free. Whoever needed to, lived there, and whoever had no need of them allowed others to live there (without asking for rent).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।