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सुनन इब्न माजा

नंबर 3099

नंबर 3099किताब 25, नंबर 218
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ أَمَرَنِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنْ أَقُومَ عَلَى بُدْنِهِ وَأَنْ أَقْسِمَ جِلاَلَهَا وَجُلُودَهَا وَأَنْ لاَ أُعْطِيَ الْجَازِرَ مِنْهَا شَيْئًا وَقَالَ ‏ "‏ نَحْنُ نُعْطِيهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Ali bin Abu Talib said:“The Messenger of Allah (ﷺ) commanded me to look after his sacrificial camels, to share out their covers and skins, and not to give the butcher any of it. He said: ‘We will give him (his wages).’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।