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सुनन इब्न माजा

नंबर 3059

नंबर 3059किताब 25, नंबर 178
حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ أَبُو بِشْرٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ طَارِقٍ، عَنْ طَاوُسٍ، وَأَبُو الزُّبَيْرِ، عَنْ عَائِشَةَ، وَابْنِ، عَبَّاسٍ أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَخَّرَ طَوَافَ الزِّيَارَةِ إِلَى اللَّيْلِ ‏.‏
It was narrated from ‘Aishah and Ibn ‘Abbas that the Prophet (ﷺ) delayed Tawafuz-Ziyarah until nighttime
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • ShadhMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।