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सुनन इब्न माजा

नंबर 3038

नंबर 3038किताब 25, नंबर 157
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ حَجَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَمَعَنَا النِّسَاءُ وَالصِّبْيَانُ فَلَبَّيْنَا عَنِ الصِّبْيَانِ وَرَمَيْنَا عَنْهُمْ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:“We performed Hajj with the Messenger of Allah (ﷺ), and there were women and children with us. We recited Talbiyah on behalf of the children and stoned the Pillars on their behalf.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।