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सुनन इब्न माजा

नंबर 3032

नंबर 3032किताब 25, नंबर 151
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ سَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ رَمَى جَمْرَةَ الْعَقَبَةِ وَلَمْ يَقِفْ عِنْدَهَا وَذَكَرَ أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَعَلَ مِثْلَ ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Umar stoned ‘Aqabah Pillar, but he did not stay there, and he mentioned that the Prophet (ﷺ) had done likewise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।