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सुनन इब्न माजा

नंबर 3017

नंबर 3017किताब 25, नंबर 136
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، أَنَّهُ سُئِلَ كَيْفَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَسِيرُ حِينَ دَفَعَ مِنْ عَرَفَةَ قَالَ كَانَ يَسِيرُ الْعَنَقَ فَإِذَا وَجَدَ فَجْوَةً نَصَّ ‏.‏ قَالَ وَكِيعٌ وَالنَّصُّ يَعْنِي فَوْقَ الْعَنَقِ ‏.‏
It was narrated from Usamah bin Zaid that he was asked:“How did the Messenger of Allah (ﷺ) travel when he departed from ‘Arafat?” He said: “He moved at a quick pace, and when he reached an open space he would make his camel run.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।