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सुनन इब्न माजा

नंबर 3003

नंबर 3003किताब 25, नंबर 122
حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ الشَّافِعِيُّ، إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ اعْتَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَرْبَعَ عُمَرٍ عُمْرَةَ الْحُدَيْبِيَةِ وَعُمْرَةَ الْقَضَاءِ مِنْ قَابِلٍ وَالثَّالِثَةَ مِنَ الْجِعْرَانَةِ وَالرَّابِعَةَ الَّتِي مَعَ حَجَّتِهِ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Abbas said:“The Messenger of Allah (ﷺ) performed ‘Umrah four times: The ‘Umrah of Hudaibiyah, the ‘Umrah to make up for (the one not completed previously), the third from Ji’ranah and the fourth that he did with his Hajj.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।