सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2959

नंबर 2959किताब 25, नंबर 78
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ ثَابِتٍ الْعَبْدِيِّ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَدِمَ فَطَافَ بِالْبَيْتِ سَبْعًا ثُمَّ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ - قَالَ وَكِيعٌ يَعْنِي عِنْدَ الْمَقَامِ - ثُمَّ خَرَجَ إِلَى الصَّفَا ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Umar that the Messenger of Allah (ﷺ) came and performed Tawaf around the House seven times, then he prayed two Rak’ahs. Waki’ said:“Meaning, at the Maqam,* then he went out to Safa.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।