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सुनन इब्न माजा

नंबर 2954

नंबर 2954किताब 25, नंबर 73
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، وَقَبِيصَةُ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ، عَنِ ابْنِ يَعْلَى بْنِ أُمَيَّةَ، عَنْ أَبِيهِ، يَعْلَى أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ طَافَ مُضْطَبِعًا ‏.‏ قَالَ قَبِيصَةُ وَعَلَيْهِ بُرْدٌ ‏.‏
It was narrated from Ibn Ya’la bin Umayyah that his father Ya’la said:“The Prophet (ﷺ) performed Tawaf while doing Idtiba’.”* (In his narration, one of the narrators) Qabisah said: “While wearing a Yemenite cloth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।