حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، وَقَبِيصَةُ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ، عَنِ ابْنِ يَعْلَى بْنِ أُمَيَّةَ، عَنْ أَبِيهِ، يَعْلَى أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ طَافَ مُضْطَبِعًا . قَالَ قَبِيصَةُ وَعَلَيْهِ بُرْدٌ .
It was narrated from Ibn Ya’la bin Umayyah that his father Ya’la said:“The Prophet (ﷺ) performed Tawaf while doing Idtiba’.”* (In his narration, one of the narrators) Qabisah said: “While wearing a Yemenite cloth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।