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सुनन इब्न माजा

नंबर 2939

नंबर 2939किताब 25, नंबर 58
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ صَبِيحٍ، حَدَّثَنَا مُبَارَكُ بْنُ حَسَّانَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كَانَتِ الأَنْبِيَاءُ تَدْخُلُ الْحَرَمَ مُشَاةً حُفَاةً وَيَطُوفُونَ بِالْبَيْتِ وَيَقْضُونَ الْمَنَاسِكَ حُفَاةً مُشَاةً ‏.‏
It was narrated that ‘Abdullah bin ‘Abbas said:“The Prophets used to enter the Haram walking barefoot. They would circumambulate the House and complete all the rituals barefoot and walking.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।