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सुनन इब्न माजा

नंबर 2928

नंबर 2928किताब 25, नंबर 47
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَأَنِّي أَرَى وَبِيصَ الطِّيبِ فِي مَفْرِقِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بَعْدَ ثَلاَثَةٍ وَهُوَ مُحْرِمٌ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“It is as if I can see the traces of perfume in the parting (of hair) of the Messenger of Allah (ﷺ) after three days, and he was a Muhrim.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।