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सुनन इब्न माजा

नंबर 2921

नंबर 2921किताब 25, नंबर 40
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنَا عُمَارَةُ بْنُ غَزِيَّةَ الأَنْصَارِيُّ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَا مِنْ مُلَبٍّ يُلَبِّي إِلاَّ لَبَّى مَا عَنْ يَمِينِهِ وَشِمَالِهِ مِنْ حَجَرٍ أَوْ شَجَرٍ أَوْ مَدَرٍ حَتَّى تَنْقَطِعَ الأَرْضُ مِنْ هَا هُنَا وَهَا هُنَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Sahl bin Sa’d As-Sa’idi that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“There is no (pilgrim) who recites the Talbiyah but that which is to his right and left also recites it, rocks and trees and hills, to the farthest ends of the earth in each direction, from here and from there.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।