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सुनन इब्न माजा

नंबर 2910

नंबर 2910किताब 25, नंबर 29
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ سُوقَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ رَفَعَتِ امْرَأَةٌ صَبِيًّا لَهَا إِلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي حَجَّتِهِ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلِهَذَا حَجٌّ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ وَلَكِ أَجْرٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin ‘Abdullah said:“A woman held up a child of hers to the Prophet (ﷺ) during Hajj and said: ‘O Messenger of Allah, is there Hajj for this one?’ He said: ‘Yes, and you will be rewarded.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।