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सुनन इब्न माजा

नंबर 2906

नंबर 2906किताब 25, नंबर 25
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ سَالِمٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أَبِي رَزِينٍ الْعُقَيْلِيِّ، أَنَّهُ أَتَى النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبِي شَيْخٌ كَبِيرٌ لاَ يَسْتَطِيعُ الْحَجَّ وَلاَ الْعُمْرَةَ وَلاَ الظَّعَنَ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ حُجَّ عَنْ أَبِيكَ وَاعْتَمِرْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Razin Al-‘Uqaili that he came to the Prophet (ﷺ) and said:“O Messenger of Allah, my father is an old man and he cannot perform Hajj or ‘Umrah, and he is not able to ride the mount (due to old age).” He said: “Perform Hajj and ‘Umrah on behalf of your father.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।