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सुनन इब्न माजा

नंबर 2900

नंबर 2900किताब 25, नंबर 19
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا مَعْبَدٍ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ جَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ إِنِّي اكْتُتِبْتُ فِي غَزْوَةِ كَذَا وَكَذَا وَامْرَأَتِي حَاجَّةٌ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ فَارْجِعْ مَعَهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Abbas said:“A Bedouin came to the Prophet (ﷺ) and said: ‘I have enlisted for such and such a military campaign and my wife is going for Hajj.’ He said: ‘Go back with her.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।